ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री (CM of West Bengal) हैं. वह 2026 के विधानसभा चुनावों में अपनी सीट हार गईं. भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोट से मात दी. इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को भी बड़े पैमाने पर हार का सामना करना पड़ा. स्वेच्छा से इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद, 7 मई 2026 को विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर विधानसभा भंग कर दी गई, जिसके साथ ही मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया.
वह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद संभालने वाली पहली महिला हैं. उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग होने के बाद 1998 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की और इसकी पहली अध्यक्ष बनीं. उन्हें अक्सर लोकप्रिय नाम दीदी (Didi) कहकर संबोधित किया जाता है.
बनर्जी का जन्म जन्म 5 जनवरी 1955 (Date of Birth) को कोलकाता में एक बंगाली हिंदू ब्राह्मण परिवार (Bengali Hindu Brahmin) में हुआ था. उनके माता-पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी और गायत्री देवी थे (Mamata Banerjee Parents). बनर्जी के पिता, प्रोमिलेश्वर की मृत्यु चिकित्सा उपचार की कमी के कारण हुई, तब वह 17 साल की थीं. 1970 में, बनर्जी ने देशबंधु शिशु शिक्षालय से उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा पूरी की. उन्होंने जोगमाया देवी कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. बाद में, उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से इस्लामी इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. इसके बाद, श्री शिक्षायतन कॉलेज से शिक्षा में डिग्री और जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता से कानून की डिग्री हासिल की (Mamata Banerjee Education).
बनर्जी ने दो बार भारत सरकार के रेल मंत्री (Minister of Railways) के रूप में कार्य किया, वह ऐसा करने वाली पहली महिला हैं. वह भारत सरकार की कैबिनेट में पहली महिला कोयला मंत्री ( Minister of Coal) और मानव संसाधन विकास (Minister of Human Resource Development), युवा मामले और खेल (Youth Affairs and Sports), महिला और बाल विकास मंत्री (Women and Child Development) भी रही हैं. ममता तत्कालीन कम्यूनिस्ट सरकार के सिंगूर (Singur) को विशेष आर्थिक क्षेत्र ( Special Economic Zones) बनाने के लिए किसानों के भूमि अधिग्रहण नीतियों के फैसले का विरोध करके राज्य की राजनीति में प्रमुखता से उभरीं. 2011 में, बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एक शानदार जीत हासिल की और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (Communist Party of India) (Marxist) के नेतृत्व वाली 34 साल तक चली वाम मोर्चा सरकार को हराकर इतिहास रच दिया.
वह 2011 से 2021 तक भबानीपुर (Bhabanipur) से पश्चिम बंगाल विधान सभा की सदस्य थीं. 2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम (Nandigram) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) से हार गईं. लेकिन उनकी पार्टी ने भारी बहुमत हासिल किया.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @MamataOfficial है. उनके फेसबुक पेज का नाम Mamata Banerjee है और वे इंस्टाग्राम पर mamataofficial यूजरनेम से एक्टिव हैं.
किसी आंदोलन या राजनीतिक विरासत पर नैतिक अधिकार किसका हो, टीएमसी में टूट के बाद यह सवाल खड़ा हुआ है. 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम पर पहले ममता बनर्जी का एकाधिकार नजर आता था, लेकिन अब टीएमसी का बागी गुट भी दावा करने लगा है - और कांग्रेस तो ममता बनर्जी के दावे को ही खारिज कर रही है.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए विदेश यात्रा की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जुलाई में निर्धारित की है.
बंगाल विधानसभा में पेश होने जा रहे यूसीसी विधेयक का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों के लिए सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होने वाला एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है.
ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के बागी विधायकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. राज्यसभा सांसद डोला सेन की ओर से दायर की गई इस शिकायत में बागी विधायकों पर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज और संदेश प्रसारित करने का आरोप लगाया है.
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को गद्दार करार दिया और भाजपा पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर भाजपा के दमन का मुकाबला करने का आह्वान किया.
TMC में बगावत और टूट फूट के बीच तृणमूल कांग्रेस के जमीनी स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं की क्या खबर है? कुछ जिलों में पूछताछ करने पर पता चला कि तृणमूल कांग्रेस के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता दिशाहीन हैं. नेता फोन का जवाब नहीं दे रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में मिड डे मील में संभावित बदलाव के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट एक साथ विरोध जता रहे हैं. बीजेपी सरकार के कोलकाता में मिड डे मील तैयार करने का काम ISKCON को देने का यह कह कर विरोध किया जा रहा है कि मिड डे मील से अंडा हटाया तो बच्चों के पोषण पर असर पड़ेगा.
देश की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की विचारधारा पर राहुल गांधी हमलावर देखे गए हैं. राहुल गांधी तो मानते ही नहीं कि क्षेत्रीय दलों के पास कोई विचारधारा भी होती है. टीडीपी नेता नारा लोकेश का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस और AAP जैसे क्षेत्रीय दलों का सत्ता पाने के बाद विचारधारा की परवाह न करना, उनको भारी पड़ रहा है.
तृणमूल कांग्रेस में हो रही बगावतों के बीच पार्टी की सीनियर नेता महुआ मोइत्रा ने खुलकर कई मुद्दों पर बात की है. उन्होंने यूसुफ पठान को लोकसभा का टिकट देने पर सवाल उठाया है. महुआ ने कहा कि पार्टी को हर नेताओं की सियासी ताकत का रिव्यू करना चाहिए था.
पश्चिम बंगाल की सियासत एक समय ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द सिमटी रही है, लेकिन सत्ता से बाहर होते ही उनकी पकड़ ढीली पड़ती जा रही. ममता बनर्जी के हाथ से उनके दो-तिहाई विधायक और सांसद निकल गए हैं. ऐसे स्थिति में बागी गुट की अगुवाई कर रहे ऋतब्रत बनर्जी का पलड़ा भारी हो रहा है.
टीएमसी पर कब्जे की लड़ाई भी अब उसी मोड़ पर पहुंच गई है, जहां असली और नकली कौन का फैसला होकर ही रहेगा. शिवसेना और एनसीपी में बगावत के बाद फैसला चुनाव आयोग से हुआ था, उसी तरह से टीएमसी की लड़ाई भी चुनाव आयोग के दर पर पहुंच गई है. अब देखना है कि असली टीएमसी किसकी होती है?
कोलकाता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की याचिका पर फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है. बनर्जी ने आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने सुनवाई अगले सोमवार तक टाल दी है.
केंद्र सरकार और विमानन नियामकों से मंजूरी मिलने के बाद, कोलकाता भी दिल्ली NCR और मुंबई की तरह भारत का तीसरा ऐसा महानगरीय क्षेत्र बन जाएगा जहां एक से अधिक हवाई अड्डे होंगे.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर रेप-मर्डर मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है. अपनी बेटी को इंसाफ मिलने की बात सुनकर सदन में मौजूद पीड़िता की मां और विधायक रत्ना देबनाथ की आंखों से आंसू आ गए.
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर BGBS के लिए FICCI को 324.73 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया. इन दावों को FICCI ने खारिज कर दिया है.
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस में दो नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन को लेकर सियासी और कानूनी विवाद गहराता जा रहा है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे ने चुनाव आयोग को अपनी पुनर्गठित कमेटी की जानकारी दी है.
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी बनाम ऋतब्रत बनर्जी की सियासी टक्कर देखने को मिल सकती है. राज्य में PAC चेयरमैन पद के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो रही है. संसदीय परंपरा है कि यह पद विपक्ष के नेता को मिलता है, लेकिन बंगाल में असली विपक्ष ममता की टीएमसी है या ऋतब्रत की टीएमसी ये अभी तक तय नहीं हो पाया है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. तृणमूल कांग्रेस के भीतर बगावत अब खुले संघर्ष में बदलती नजर आ रही है. बागी गुट ने कोलकाता में बैठक कर नया संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है और ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने का दावा किया है. वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को नया अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी गुट अब खुद को असली TMC बताने की तैयारी में है.
TMC के भीतर चल रहा राजनीतिक विद्रोह और तेज हो गया है. बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने TMC की पैरलल वर्किंग कमेटी का ऐलान कर दिया. विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना है. इसे ममता बनर्जी को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है. कोलकाता में हुए विशेष अधिवेशन में बागी खेमे के विधायक, पार्षद और दूसरे नेता शामिल हुए. देखें.
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. बीजेपी में शामिल होने से पहले शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में हुआ करते थे. मालूम हुआ है कि बीजेपी से पहले शुभेंदु अधिकारी कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे, लेकिन राहुल गांधी की मंजूरी नहीं मिल पाई.
तृणमूल कांग्रेस के बागियों ने अब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को भी पार्टी से हटा दिया है. बागी विधायक अरूप रॉय को नया अध्यक्ष बनाते हुए, ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को मुख्य सलाहकार बनने की पेशकश की है. ममता बनर्जी के पास अब बहुत कम विकल्प बचे लगते हैं.