हर दिन कुछ अच्छा या बुरा घटता है, और यही घटनाएं आगे चलकर इतिहास बन जाती हैं. आज का दिन भी अतीत की कई ऐसी यादों को समेटे हुए है, जिनसे देश और समाज ने कुछ सीखा है. कहीं सफलता की कहानियां दर्ज हैं, तो कहीं संघर्ष और बलिदान की मिसालें. राजनीति, समाज, विज्ञान, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में घटित घटनाएं हमें यह समझाती हैं कि समय के साथ परिवर्तन स्वाभाविक है. इतिहास में आज का दिन हमें यह संदेश देता है कि हर घटना, चाहे वह सुखद हो या दुखद, भविष्य की दिशा तय करने में अपनी भूमिका निभाती है और हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है (Today in History).
आज के दिन ही पेले ने ब्राजील को फुटबॉल का पहला वर्ल्ड कप खिताब दिलाया था. पहली बार दुनिया के सामने एक महान फुटबॉलर सामने आया, जिसने आने वाले समय में रिकॉर्ड की झड़ी लगा दी.
आज के दिन ही साराजेवो में एक ऐसी हत्या हुई थी, जिससे ऐसी आग भड़की कि पूरा विश्व खासकर यूरोप दो धड़े में बंट गया. यही वो घटना थी, जो प्रथम विश्वयुद्ध का तात्कालिक कारण बनी.
आज के दिन ही पहली बार बार कोड का इस्तेमाल किया गया था. जब एक ग्रोसरी शॉप में च्युइंगम को पैकेट को स्कैन कर यह साबित किया गया है कि बार कोड को छोटे से छोटे प्रोडक्ट पर आसानी से इस्तेमाल किया जाता सकता है.
आज के दिन ही कोरियन वॉर शुरू हुआ था. जब नॉर्थ कोरिया ने सियोल पर हमला बोल दिया था. इस युद्ध में अमेरिका ने दक्षिण कोरिया का साथ दिया था. कोरियन वॉर तीन साल से भी ज्यादा समय तक चली थी.
आज के दिन ही नेपोलियन ने रूस पर हमला किया था. रूस पर आक्रमण का फैसला नेपोलियन के लिए सही साबित नहीं हुआ. उसकी ग्रैंड आर्मी को अंत में वहां से जान बचाकर वापस लौटना पड़ा था.
आज हम कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन पर कुछ सेकंड में टाइप कर लेते हैं. लेकिन एक समय ऐसा था जब हर दस्तावेज, चिट्ठी और किताब हाथ से लिखी जाती थी. तब लिखना एक लंबी और मेहनत भरी प्रक्रिया हुआ करती थी. ऐसे दौर में आज के दिन ही एक ऐसी मशीन सामने आई, जिसने पूरी दुनिया में लिखने का तरीका बदल दिया. यह मशीन थी टाइपराइटर.
आज के दिन वर्ल्ड कप फुटबॉल में महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ एक गोल किया था, जिसे 'हैंड ऑफ गॉड' कहा जाता है. आज भी इस गोल को लेकर चर्चा होती है. ऐसे में जानते हैं क्या था हैंड ऑफ गॉड गोल?
आज के दिन ही दुनिया का पहला निजी अंतरिक्ष यान स्पेस यात्रा पर गया था. इस यात्रा ने एक और रिकॉर्ड बनाया. इस स्पेसक्राफ्ट में यात्रा करने वाला शख्स पहला कमर्शियल अंतरिक्ष यात्री बन गया था.
आज के दिन ही टेक्सास में गुलामी प्रथा खत्म करने का ऐलान किया गया था. आज भी इस तारीख को अमेरिका में सेलिब्रेट किया जाता है और इस दिन सार्वजनिक छुट्टी होती है.
आज के दिन ही नेपोलियन बोनापार्ट को वाटरलू की लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद उन्हें हेलेना द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया था. जहां कुछ सालों बाद उनकी मृत्यु हो गई थी.
आज के दिन ही मुमताज महल का निधन हुआ था. मुमताज महल बादशाह शाहजहां की बेगम थीं. इनकी मृत्यु के बाद ही मकबरे के तौर पर शाहजहां ने ताजमहल बनवाया था.
आज के दिन ही पहली बार कोई महिला पहली बार स्पेस में गई थी. यह रिकॉर्ड रूस की महिला अंतरिक्ष यात्री वैलेंटिना टेरेश्कोवा के नाम है.
आज के दिन ही बुडापेस्ट में विमान से पर्ची बरसाकर अमेरिका ने जर्मनी को लिखित धमकी दी थी. धमकी में कहा गया था कि यहूदियों को गैस चैंबर में भेजने के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी.
आज के दिन ही अमेरिका ने अपनी सेना का गठन किया था. आजादी से एक साल पहले ब्रिटिश सेना से लोहा लेने के लिए आर्मी बनाई गई थी और पहली बार राइलफल मैन की भर्ती की गई थी.
आज के दिन ही पहली बार पृथ्वी से भेजा गया कोई स्पेसक्राफ्ट सोलर सिस्टम की परिधि से बाहर निकला था. इस अंतरिक्ष यान का नाम पायनियर-10 था.
आज के दिन ही इंदिरा गांधी को चुनाव में धांधली के आरोप में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्हें छह साल के लिए कोर्ट ने सक्रिय राजनीति से प्रतिबंधित कर दिया. इसके परिणाम स्वरूप देश में इमरजेंसी की घोषणा हुई थी.
आज के दिन ही सिकंदर की मृत्यु हुई थी. सिंकदर को उसके विश्वविजयी अभियान के लिए जाना जाता है, जो भारत तक आकर थम गया था. भारत की सीमा के पार से लौटने के बाद ही मेसिडोनिया जाने के रास्ते, बेबीलोन में उसकी मौत हो गई थी.
आज के दिन ही इजरायल और अरब देशों के बीच शुरू हुआ 6 डेज वॉर खत्म हुआ था. इस युद्ध के बाद ही यरुशलम, गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक पर इजरायल का कब्ज हो गया था.
आज के दिन ही रोमन सम्राट नीरो ने आत्महत्या कर ली थी. उसे रोम का दुश्मन घोषित कर दिया गया था और उसकी सेना और प्रजा ही उसके जान के पीछे पड़ी हुई थी. उसने जिल्लत भरी मौत से बेहतर खुद की जान लेना सही समझा.
आज के दिन ही एअर इंडिया की पहली इंटरनेशनल फ्लाइट ने उड़ान भरी थी. पहली इंटरनेशनल फ्लाइट मुंबई से लंदन के लिए थी.
आज के दिन ही पहली बार ब्रिटेन के किसी राजा ने अमेरिका की धरती पर कदम रखे थे. इससे पहले कोई राजा अमेरिका की यात्रा पर नहीं गए थे.