उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों राम मंदिर के चंदा चोरी के मुद्दे पर सपा ने आक्रामक तेवर अपना रखा है, जिसे काउंटर करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने भी बड़ा दांव चल दिया है. सीएम योगी ने एक तरफ मथुरा का मुद्दा उठाकर प्रहार किया तो दूसरी तरफ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राम मनोहर लोहिया के परिजनों से मुलाकात की.
बाहुबली रहे मुख्तार अंसारी के साथ लंबे समय तक सियासी अदावत रखने वाले माफिया बृजेश सिंह ने विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. बृजेश सिंह के चुनाव लड़ने से सिर्फ एक सीट का नहीं बल्कि पूर्वांचल की सियासत पर भी असर पड़ सकता है.
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. ऐसे में सवाल है कि चढ़ावा चोरी का 2027 यूपी चुनाव पर क्या असर होगा? देखें दंगल.
उत्तर प्रदेश में मुहर्रम का त्योहार शांति और सुरक्षा के साथ मनाया गया. इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुहर्रम के दौरान ताजिया और गरीबों की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे उपद्रव और दंगे नहीं होते. उनके मुताबिक, 2017 के बाद से प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ है और कानून-व्यवस्था में बड़े सुधार हुए हैं.
2027 यूपी चुनावों के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी की नजरें OBC वोटबैंक पर टिकी हैं. वहीं PDA का 'कार्ड' लेकर अखिलेश यादव भी चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं. एक बार फिर जाति पर ही तमाम पार्टियां चुनावी मैदान में उतरी हैं. ऐसे में सवाल है कि बीजेपी के लिए मंडल-कमंडल का जोड़ ही क्या PDA का तोड़ है? देखें हल्ला बोल.
उत्तर प्रदेश बीजेपी संगठन का ऐलान गुरुवापर को कर दिया गया है. पंकज चौधरी की अगुवाई वाली टीम में कुल 64 सदस्यों को जगह मिली है, जिसमें सबसे ज्यादा ओबीसी नेताओं को जगह मिली है तो सवर्ण जातियों का भी पूरा ख्याल रखा गया है. इस तरह बीजेपी ने मंडल और कंमडल का संतुलन बनाने का दांव चला है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी संगठन का ऐलान गुरुवार को हो गया है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई वाली टीम में 70 फीसदी नए चेहरों को जगह मिली है, लेकिन लंबे समय से संगठन पर काबिज पुराने और दिग्गज नेताओं की इस बार छुट्टी हो गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि अब उनका क्या होगा?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष पकंज चौधरी की टीम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने टीम पकंज के जरिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ-साथ सपा के पीडीए फार्मूले को काउंटर करने का दांव चला है. अब देखना है कि 2027 के चुनाव में अखिलेश यादव के लिए चिंता का सबब कैसे बनेगी?
उत्तर प्रदेश बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नई प्रदेश संगठन टीम का गठन किया है. ‘टीम पंकज’ में सामाजिक संतुलन, गैर-यादव ओबीसी, दलित, महिला और युवा नेताओं को प्रमुखता दी गई है. पार्टी का फोकस बूथ सशक्तिकरण और मजबूत संगठन के जरिए मिशन 2027 को सफल बनाने पर है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी के संगठन का ऐलान गुरुवार को हो गया है. बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्री बनाए गए हैं. इसके अलावा बीजेपी ने अलग-अलग मोर्चे के अध्यक्ष का नाम भी ऐलान कर दिया है और साथ ही में जाति और जोन यानि क्षेत्र का भी ख्याल रखा है.
पश्चिमी यूपी की सियासत के मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले इमरान मसूद कांग्रेस से सांसद हैं. कांग्रेस और सपा मिलकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन कांग्रेस से ही सांसद इमरान मसूद इन दिनों ओवैसी स्टाइल से अखिलेश यादव को मुस्लिम विरोधी कठघरे में खड़े करने में जुटे हैं.
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने सहयोगी समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इमरान मसूद ने मुस्लिमों के मुद्दों पर अखिलेश की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग की है. संगठन का कहना है कि मुसलमान लंबे समय से समाजवादी पार्टी का समर्थन करते रहे हैं, इसलिए उन्हें शीर्ष नेतृत्व में भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.
समाजवादी पार्टी के पूर्व MLC उदयवीर सिंह ने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी और निषाद पार्टी के बीच चल रही खींचतान को लेकर बड़े दावे किए हैं. उनके मुताबिक, राजभर के विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ में विकास परियोजना की सौगात देने के साथ-साथ एक जनसभा को संबोधित करेंगे. रैली के जरिए सिर्फ अलीगढ़ को साधने का ही दांव नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र और पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरण को दुरुस्त करने की रणनीति मानी जा रही है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी टूट के दावे के बाद अब गोमती रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर नया मोर्चा खुल गया है. सोशल मीडिया पर 'सैफई परिवार का भ्रष्टाचार' नाम से पोस्टर जारी कर अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा गया है. इसमें आरोप लगाया गया है कि रिवर फ्रंट का बजट विकास की जगह साल 2017 के चुनाव और तिजोरी में चला गया, साथ ही चेतावनी भी दी गई है.
उत्तर प्रदेश में चुनावी तपिश के साथ ही सियासत गर्मा गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ एनडीए के ओबीसी नेताओं की तिकड़ी फ्रंटफुट पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है. अखिलेश यादव को दलित-पिछड़ा विरोधी कठघरे में खड़े करने की कोशिश तेज हो गई है?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन के मौके पर बनारस के गंगा घाट पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. इस दौरान भगवान परशुराम के अवतार में राहुल गांधी का पोस्टर सामने आया, जिसमें एक हाथ में फरसा और दूसरे हाथ में संविधान की कापी लिए हुए दिखाया गया है.
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के सांसदों की बगावत की अटकलें तेज हैं तो यूपी में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में फूट को लेकर भी सियासत तेज है. पहले यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में बगावत को लेकर बयान दिया. उसके बाद बीजेपी ने इस मामले को तूल दे दिया. एक दिन पहले ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया.
बंगाल में टीएमसी और महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) में टूट की खबरों के बीच अब समाजवादी पार्टी को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में विपक्षी दलों में लगातार हो रही टूट ने इस तरह की चर्चाओं को हवा दी है.
यूपी के विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बाकी रह गया है. नए गठबंधनों की कवायद अंगड़ाई ले रही है, तो वहीं जातीय समीकरण दुरुस्त करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं.